SHRUTIKAVYAM
By- Omkar Singh 'Ghair'
Home
Shayari
Sher
Kavita
Kahani
Ghazal
Quotes
Contact
दर्द
दर्द से इस क़दर उसका नाता बन गया, टूटा जो दरख़्त से फूल कांटा बन गया।
दर्द से इस क़दर उसका नाता बन गया,
टूटा जो दरख़्त से फूल कांटा बन गया।
Read More