SHRUTIKAVYAM
By- Omkar Singh 'Ghair'
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गरुर ए इश्क़
ग़रूर-ए-इश्क़ में डूबी वो अपना सबकुछ गवां रही, कौन समझाए उस पगली को क्या गलत है क्या सही।
ग़रूर-ए-इश्क़ में डूबी वो अपना सबकुछ गवां रही,
कौन समझाए उस पगली को क्या गलत है क्या सही।
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