चाहत नही कभी तेरे हुस्न का दीदार हो,ये पर्दानशी तू पर्दे में ही लाज़वाब है।
चाहत नही कभी तेरे हुस्न का दीदार हो,
ये पर्दानशी तू पर्दे में ही लाज़वाब है।