SHRUTIKAVYAM
By- Omkar Singh 'Ghair'
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वक्त

मैं अपना वक्त बर्बाद करूं वो मुझे मंजूर है मगर कोई मेरा वक्त बर्बाद करे हरगीज़ बरदाश्त नही होगा।
मैं अपना वक्त बर्बाद करूं वो मुझे मंजूर है मगर
कोई मेरा वक्त बर्बाद करे हरगीज़ बरदाश्त नही होगा।