SHRUTIKAVYAM
By- Omkar Singh 'Ghair'
Home
Shayari
Sher
Kavita
Kahani
Ghazal
Quotes
Contact
आग सीने में
ये ठंड ! क्या ख़ाक बिगाड़ पाओगी तुम, आग सीने में यहां सदियों से जल रही।
ये ठंड ! क्या ख़ाक बिगाड़ पाओगी तुम,
आग सीने में यहां सदियों से जल रही।
Read More