SHRUTIKAVYAM
By- Omkar Singh 'Ghair'
Home
Shayari
Sher
Kavita
Kahani
Ghazal
Quotes
Contact
झूठा प्यार
मैं बहता था जिस ओर उस ओर बहने दिए होते। ये प्यार झूठ था तो मुझे झूठ में रहने दिए होते।
मैं बहता था जिस ओर उस ओर बहने दिए होते।
ये प्यार झूठ था तो मुझे झूठ में रहने दिए होते।
Read More