SHRUTIKAVYAM
By- Omkar Singh 'Ghair'
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जिस्म

मत कर अपने जिस्म को आशिक़ के हवाले, सुनाकर रात के क़िस्से वो महफ़िल जमाएगा।
मत कर अपने जिस्म को आशिक़ के हवाले,
सुनाकर रात के क़िस्से वो महफ़िल जमाएगा।